
23 साल से सड़क बदहाल, गड्ढों में तब्दील हुआ छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश सीमा मार्ग!
डेढ़ किलोमीटर सड़क पर 23 साल में नहीं पड़ा एक भी लेप, गड्ढों में तब्दील रास्ते पर जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे ग्रामीण; भारी वाहनों की आवाजाही से हादसे का खतरा

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/भर्रीडाँड़। मरवाही विकासखंड में छत्तीसगढ़ को मध्यप्रदेश से जोड़ने वाली करीब डेढ़ किलोमीटर सड़क की बदहाली ने जिम्मेदार विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 23 वर्ष पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री स्व. अजीत प्रमोद कुमार जोगी के कार्यकाल में ठेकेदार दिलीप कुमार केडिया द्वारा पक्की बनाई गई इस सड़क पर निर्माण के बाद आज तक एक बार भी लेप नहीं डाला गया।



हालात यह हैं कि सड़क पर डामर कम और गड्ढे ज्यादा नजर आ रहे हैं। बारिश के बाद जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भरने से राहगीरों और वाहन चालकों के लिए रास्ता बेहद खतरनाक हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ गड्ढे इतने गहरे हैं कि उनमें छोटे बच्चे भी डूब सकते हैं। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत को लेकर अब तक ठोस पहल नहीं होने से लोगों में नाराजगी है।


हाईवा और भारी वाहनों का दबाव, बढ़ा हादसे का खतरा
यह मार्ग पेंड्रा-सेवनी मुख्य मार्ग से धरहर गांव और गूजर टोला होते हुए मध्यप्रदेश सीमा को जोड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार इस सड़क पर दिन-रात छोटे-बड़े वाहनों के साथ भारी हाईवा वाहनों की आवाजाही रहती है। बताया गया कि कोरबा, आमाडांड और बरतराई की ओर से आने वाले कोयला परिवहन से जुड़े भारी वाहन इसी मार्ग से जैतहरी स्थित मोजर बेयर प्लांट की ओर जाते हैं। इसके अलावा पेंड्रा-सेवनी, पेंड्रा-कोरबा और पेंड्रा-मनेन्द्रगढ़ की ओर जाने वाले वाहन भी दुबटिया के पास से घूमकर इस जर्जर सड़क का उपयोग करते हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति और भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण दुर्घटना की आशंका बनी हुई है।

ग्रामीण बोले—कुंभकर्णी नींद से जागें जिम्मेदार
समाजसेवी प्रकाश चंद राय, प्रताप रजक, गोकुल केवट, सुनील कुमार श्रीवास और दिलीप कुमार साहू ने सड़क की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि छत्तीसगढ़-मध्यप्रदेश सीमा को जोड़ने वाली कई सड़कों की हालत खराब है। उनका आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी सड़क की समस्या को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं, जबकि ग्रामीण और वाहन चालक रोज जोखिम उठाकर आवागमन करने को मजबूर हैं। वहीं धरहर गूजर टोला के ग्रामीण सागर सोनवानी, गोकुल पुरी, श्यामा बाई भानू सरपंच, गणपत भानू सरपंच प्रतिनिधि, राजेश पुरी, कीर्तन, साहेब कंवर, पंच लाल कंवर और कालेश्वर कंवर सहित अन्य ग्रामीणों ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने तथा इसे आवागमन योग्य बनाने की मांग की है।

विभाग का दावा—मोजर बेयर को भेजा गया इस्टीमेट
मामले में लोक निर्माण विभाग, जिला जीपीएम की मुख्य कार्यपालन अभियंता नित्या ठाकुर ने बताया कि सड़क का इस्टीमेट तैयार कर मोजर बेयर को भेज दिया गया है। अब सवाल यह है कि 23 साल से बदहाल सड़क के लिए सिर्फ इस्टीमेट ही काफी है या जमीन पर भी काम दिखाई देगा? ग्रामीणों को इंतजार है कि विभाग और संबंधित औद्योगिक प्रबंधन कब इस जर्जर और जोखिम भरे रास्ते की सुध लेते हैं।

सहायक अभियंता मरवाही एस एस पैकरा के द्वारा फोन काल रिसीव नहीं किया गया















